हिमाचल में INTER DISTRICT परिवहन शुरू करने की तैयारी, जानें और क्या हुए फैसले

शिमला। हिमाचल मंत्रिमंडलीय उपसमिति की जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को निवेश प्रमोशन बिल में खनन की NOC को शामिल करने और खनन की प्रक्रियाओं को सरल बनाने के निर्देश दिए गए। यह भी निर्देश दिए
 

शिमला। हिमाचल मंत्रिमंडलीय उपसमिति की जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को निवेश प्रमोशन बिल में खनन की NOC को शामिल करने और खनन की प्रक्रियाओं को सरल बनाने के निर्देश दिए गए। यह भी निर्देश दिए कि कॉरपोरेट की सामाजिक जिम्मेदारी निधि की निगरानी के लिए विभागाध्यक्ष और उप विभागाध्यक्ष के स्तर पर प्रशासनिक समिति गठित की जाए। इस निधि का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। समिति ने स्वास्थ्य क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण पर भी बल दिया।

बैठक में सुरक्षा मानकों को अपनाते हुए जिला के अंदर और एक से दूसरे जिले के लिए परिवहन सेवाएं शुरू करने का प्रस्ताव पारित किया। कोरोना मरीजों के बढ़ते मामलों के बीच उपसमिति ने अंतर जिला परिवहन सेवाएं शुरू करने की सिफारिश कर दी है। उपसमिति की सिफारिशों पर 23 मई को होने वाली कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया जा सकता है। ग्रामीण विकास विभाग ने समिति को अवगत करवाया कि स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए विकासात्मक गतिविधियां बहाल कर दी गई हैं। समिति ने निर्देश दिए कि पंचायतों के तहत चल रहे विकास कार्यों के लिए 80 प्रतिशत अदायगी की जाए ताकि मजदूरी निरंतर रूप से प्रदान होती रहे।

समिति ने सुझाव दिया कि स्वारघाट, नालागढ़ और डमटाल में स्वचालित अतिरिक्त भारी पुल निर्मित किए जाएंगे। आर्थिकी में सुधार के लिए समिति ने निर्देश दिए कि वन स्वीकृतियों की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए और वन स्वीकृति अधिनियम के तहत मामलों में तेजी लाई जाए।

विकास कार्यों में कोई बाधा न आए
महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि विकास कार्यों में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए और मुख्यमंत्री की घोषणाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। वन एवं ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। इस बैठक में मंत्री मंडलीय उपसमिति के सदस्य शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह और वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर उपस्थित थे।

स्कूल खोलने पर नहीं बनी सहमति
प्रदेश में स्कूलों को खोलने को लेकर कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सब कमेटी में पहली जून से स्कूल खोलने को लेकर आम सहमति नहीं बनी। विस्तृत चर्चा के बाद इस मामले को 23 मई को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक पर छोड़ दिया गया। बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को सुदृढ़ीकरण पर बल दिया गया क्योंकि यह विभाग शिक्षा क्षेत्र सहित अन्य विभागों को सुविधा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।