डिजिटल हिमाचल का रोडमैप तैयार, 2028 तक हर गांव में पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड
शिमला। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों को डिजिटल क्रांति से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार ने अपने प्रयासों को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में राज्य ब्रॉडबैंड समिति (SBC) की 7वीं महत्वपूर्ण बैठक मुख्य सचिव संजय गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
इस बैठक में हिमाचल के कोने-कोने तक निर्बाध इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए ठोस रणनीति और समयबद्ध लक्ष्यों पर मुहर लगाई गई। बैठक के दौरान दूरसंचार विभाग के अधिकारियों ने प्रदेश में चल रही प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट साझा की। डिजिटल भारत निधि के तहत दो बड़े लक्ष्यों पर विशेष चर्चा हुई।
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4जी संतृप्ति योजना (4G Saturation Scheme) : प्रदेश के उन क्षेत्रों में जहां अब तक मोबाइल सिग्नल नहीं था, वहां अब तक 572 मोबाइल साइटें स्थापित की जा चुकी हैं।
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भारतनेट योजना का नया लक्ष्य : संशोधित भारतनेट योजना के तहत चम्बा से लेकर लाहौल-स्पीति तक की 3615 ग्राम पंचायतों और मांग के आधार पर 15538 गांवों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
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समय सीमा : मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के इस महा-अभियान को फरवरी 2028 तक हर हाल में पूरा किया जाना है।
स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और कॉल बिफोर यू डिग पर जोर
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बैठक में कई तकनीकी और नीतिगत विषयों पर गहन मंथन हुआ। सरकार का जोर अब संसाधनों को साझा करने और नुकसान को कम करने पर है।
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स्ट्रीट फर्नीचर और GIS मैपिंग : शहर के बिजली के खंभों और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर (स्ट्रीट फर्नीचर) का उपयोग दूरसंचार उपकरण लगाने के लिए किया जाएगा, जिसकी GIS मैपिंग की जा रही है।
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CBuD ऐप का अनिवार्य उपयोग : खुदाई के दौरान ऑप्टिकल फाइबर केबल कटने से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए “कॉल बिफोर यू डिग (CBuD)” ऐप के प्रभावी उपयोग पर चर्चा हुई।
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राइट ऑफ वे (RoW) : दूरसंचार इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने में आने वाली कानूनी और प्रशासनिक बाधाओं (RoW) को दूर करने के लिए विभागीय समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर महानिदेशक अनिल कुमार गुप्ता, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव (DDTG) आशीष सिंघमार, उप महानिदेशक चंद्र भूषण सिंह और BSNL, DIPA व COAI के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अंत में, समिति के अध्यक्ष ने सभी हितधारकों को इन मुद्दों के समयबद्ध समाधान हेतु कड़े निर्देश दिए।