इलेक्ट्रिक के स्थान पर 250 डीजल बसों की होगी खरीद, 350 चालकों की होगी भर्ती : मुकेश अग्निहोत्री

हिमाचल पथ परिवहन निगम ने अपने बेड़े में पुरानी बसों के स्थान पर 250 नई डीजल बसें और 50 टेम्पो ट्रैवलर खरीदने का निर्णय लिया है जिस पर लगभग 105 करोड़ रुपए का खर्च अनुमानित है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एचआरटीसी निदेशक मंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया।
 

शिमला  ।  हिमाचल को हरित राज्य बनाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से सिर्फ इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की नीति में बदलाव होगा। देश में कहीं भी बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध न होने के चलते अब 250 डीजल बसें खरीदी जाएंगी। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में  हिमाचल पथ परिवहन निगम के निदेशक मंडल की 156वीं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।


मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम ने अपने बेड़े में पुरानी बसों के स्थान पर 250 नई डीजल बसें और 50 टेम्पो ट्रैवलर खरीदने का निर्णय लिया है। जिस पर लगभग 105 करोड़ रुपए का खर्च अनुमानित है। इसके अतिरिक्त, निगम इस वर्ष अपने बेड़े में 24 नई सुपर लग्जरी बसें एवं 50 टेम्पो ट्रैवलर शामिल करेगा। ये 50 टेम्पो ट्रैवलर प्रदेश के दूर-दराज एवं जनजातीय क्षेत्रों में पुरानी बसों के स्थान पर चलाए जाएंगे। इन बसों की खरीद निगम द्वारा अपने संसाधनों से की जाएगी। इसके अतिरिक्त, निगम अपने संसाधनों से लगभग 25 करोड़ रुपए की इलेक्ट्रिक बसों की खरीद भी करेगा।


उप-मुख्यमंत्री नेे कहा कि निगम द्वारा टाइप-1 327 बसें और टाइप-3 विद्युत चलित बसों की खरीद के लिए 15 जून 2024 को निविदाएं आमंत्रित कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि बसों में यात्रियों द्वारा कैशलेस माध्यम से किराये का भुगतान करने के लिए परिचालकों को प्रोत्साहित करने के लिए त्रैमासिक आधार पर मंडलीय स्तर पर तीन परिचालकों को पारितोषिक देने का निर्णय लिया गया है। यह योजना 31 दिसंबर 2024 तक लागू रहेगी।
उन्होंने कहा कि 350 बस चालकों की रूकी हुई भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाएगा। निगम में चालकों के 600 पद रिक्त हैं और आने वाले दो वर्षों में लगभग 800 चालक सेवानिवृत हो रहे हैं इसलिए चालकों की भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम के कर्मियों को 18 जनवरी 2024 के बाद देय चिकित्सा प्रतिपूति, वेतन भोगियों तथा पेंशन भोगियों को 55.36 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।



अग्निहोत्री ने कहा कि निगम के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में रिसोर्स मोबिलाइजेशन समिति का गठन किया गया है। यह समिति निगम को हो रहे घाटे के कारणों का पता लगाकर अपनी रिपोर्ट बोर्ड को प्रस्तुत करेगी।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में परिवहन के सीमित साधन हैं और लोग परिवहन सुविधा के लिए एचआरटीसी पर निर्भर करते हैं। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा महिलाओं तथा विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों को रियायती दरों पर सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त निगम की बसें परिवहन सेवा से वंचित क्षेत्रो में भी सेवाएं दी रही हैं।

उन्होंने बताया कि निगम सेवा भाव से कार्य करते हुए रोजाना लगभग 5 लाख यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने निगम की बसों कीे बेहतरीन तस्वीरें और वीडियो बना कर भेजे थे उन्हें सम्मानित किया गया है। इसी प्रकार जो कर्मचारी अपने रूट पर अच्छी आमदनी करेंगे उन्हें भी निगम द्वारा सम्मानित किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि निगम द्वारा सभी कर्मचारियों की वार्षिक चिकित्सा जांच करवाई जाएगी ताकि उनका बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके।



बद्दी व फतेहपुर में बस अड्डा निर्माण को मिलेगी प्राथमिकता :
मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि आज बस अड्डा निगम की बैठक का भी आयोजन किया गया जिसमें नए सदस्य शामिल रहे। प्रदेश में बस अड्डों की स्थिति का जायजा लिया और उनमें सुधार करने को लेकर विचार विमर्श किया गया।  उन्होंने बताया कि धर्मशाला में बन रहे बस अड्डे के लंबित कार्य के दृष्टिगत प्रबंध निदेशक को कार्य कर रही एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी उन्हें अगली बैठक में उपस्थित होने के निर्देश जारी किए जाएं। इसी तरह मैक्लोडगंज और शिमला के बस अड्डों से संबंधित मामलों पर भी बैठक में चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि बद्दी और फतेहपुर में बस अड्डा प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि निगम की लंबित राशि को जल्द जारी किया जाए ताकि निगम के कर्मचारियों के हित में और बेहतर निर्णय लिए जा सकें।

बैठक का संचालन प्रबंध निदेशक हिमाचल पथ परिवहन निगम रोहन चंद ठाकुर ने किया और उप-मुख्यमंत्री तथा गैर-सरकारी सदस्यों को निगम द्वारा आगे भी बेहतर कार्य करने का आश्वासन दिया।  एचआरटीसी के पास बसों की कमी है और इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में परिवहन सेवाएं प्रभावित न हों, इसलिए डीजल बसें खरीदने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त 50 टेंपो ट्रैवलर भी खरीदे जाएंगे। बसों और टैंपो ट्रेवलर की खरीद पर 105 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की प्रक्रिया भी समानांतर तरीके से जारी रखी जाएगी। टाइम-1 और टाइम-3 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए भी निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। एचआरटीसी ने 24 सुपर लग्जरी बसें खरीदने का भी फैसला लिया है। फिलहाल कुछ इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के लिए 25 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है। बैठक में प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम, एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहनचंद ठाकुर, निदेशक परिवहन विभाग डीसी नेगी सहित परिवहन निगम के अधिकारी मौजूद रहे।