Hamirpur News : गणतंत्र दिवस पर मानवता का उदय, लोहारली में शहीदों के सम्मान के साथ गरीबों की मदद का संकल्प
ग्राम पंचायत कलवाल के गांव लोहारली के रामलीला मैदान में गणतंत्र दिवस के अवसर पर मानवता और सामाजिक संवेदना की अनूठी मिसाल देखने को मिली। लोक सेवा समिति के प्रयासों से आयोजित कार्यक्रम में जहां शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई, वहीं गरीब, असहाय और जरूरतमंद परिवारों की सहायता का संकल्प भी लिया गया।
Jan 27, 2026, 16:46 IST
हमीरपुर । उपमंडल बड़सर की ग्राम पंचायत कलवाल के गांव लोहारली के रामलीला मैदान में गणतंत्र दिवस के अवसर पर मानवता और सामाजिक संवेदना की अनूठी मिसाल देखने को मिली। लोक सेवा समिति के प्रयासों से आयोजित कार्यक्रम में जहां शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई, वहीं गरीब, असहाय और जरूरतमंद परिवारों की सहायता का संकल्प भी लिया गया।
समिति के अध्यक्ष इंजीनियर बलवंत सिंह ढटवालिया ने भावुक शब्दों में समिति के उद्देश्य को साझा करते हुए कहा कि ग्रामीण पंचायत के उन बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना ही उनका लक्ष्य है, जिनके माता-पिता देश के लिए बलिदान दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि कलवाल पंचायत का कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए समिति हर संभव सहयोग करेगी। साथ ही बीमार, गरीब और असहाय परिवारों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने तथा बुजुर्गों को सामाजिक संबल देने का भी संकल्प लिया गया।
उन्होंने कहा कि लोक सेवा समिति एक मजबूत दीवार बनकर खड़ी होगी, ताकि कोई भी परिवार खुद को बेसहारा न महसूस करे। समिति का उद्देश्य है कि गरीबी के कारण मजबूरी की ओर बढ़ रहे बच्चों के हाथों में कलम थमाई जाए और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचे। इस सामाजिक अभियान का नेतृत्व समाज सेवा के प्रति समर्पित टीम कर रही है। समिति के अध्यक्ष इंजीनियर बलवंत सिंह ढटवालिया, उपाध्यक्ष चंद सेन, महासचिव मोहित सिंह ठाकुर, वित्त सचिव शेर सिंह चौधरी, संयुक्त सचिव बलवीर सिंह ढटवालिया सहित अन्य सदस्य इस कार्य में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
वीरांगनाओं के सम्मान से नम हुईं आंखें
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण वह था, जब 1962, 1965 और 1971 के युद्धों में देश की रक्षा करते हुए बलिदान देने वाले वीर जवानों की 39 वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया। सफेद बालों और झुर्रियों में छिपे बलिदान की स्मृतियां जब मंच पर जीवंत हुईं, तो उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। इसके साथ ही तीनों युद्धों के पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उन परिवारों के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक था, जिनका बलिदान देश की आन-बान-शान की रक्षा के लिए समर्पित रहा।
लोहारली के रामलीला मैदान से उठी यह आवाज केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश है। यह आयोजन याद दिलाता है कि गणतंत्र तभी सार्थक है, जब समाज का अंतिम व्यक्ति भी सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जी सके।