पालक समझ खा लिए जंगली पत्ते, छह मजदूर बीमार

रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के मुरंग में 100 मेगावाट टिंडोंग परियोजना में कार्यरत 6 मजदूर पालक समझकर जहरीले जंगली पत्तों की सब्जी खा बैठे। इससे वह फूड प्वॉइजनिंग का शिकार हो गए। इन्हें बुधवार रात को मुरंग से सभी को क्षेत्रीय चिकित्सालय रिकांगपिओ लाया गया। यहां सभी की तबीयत ज्यादा खराब होने से इन्हें
 

रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के मुरंग में 100 मेगावाट टिंडोंग परियोजना में कार्यरत 6 मजदूर पालक समझकर जहरीले जंगली पत्तों की सब्जी खा बैठे। इससे वह फूड प्वॉइजनिंग का शिकार हो गए। इन्हें बुधवार रात को मुरंग से सभी को क्षेत्रीय चिकित्सालय रिकांगपिओ लाया गया। यहां सभी की तबीयत ज्यादा खराब होने से इन्हें रामपुर के खनेरी अस्पताल रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि सभी मजदूर झारखंड के रहने वाले हैं।

पुलिस के अनुसार झारखंड के संतोष सूरीन, अनमोल बारला और लॉरंस हेमरोम परियोजना में ड्रिलर का काम करते हैं। इनके साथ ही अन्य तीन जीवन, मंजीत और नलन लेबर का काम करते हैं। बुधवार शाम को ये सभी नजदीकी जंगल से पालक समझकर जहरीले जंगली पत्ते को लेकर आ गए थे। अपने शेड में पहुंचकर इसकी सब्जी बनाकर सभी ने खा लिया। इससे उनकी तबीयत खराब हो गई।

मुरंग थाना प्रभारी दलीप चंद को दिए बयान में टिंडोंग परियोजना के अधिकारी ने बताया कि तबीयत बिगड़ने के बाद इन्हें कंपनी के फार्मासिस्ट ने प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद इन्हें उपचार के लिए रिकांगपिओ अस्पताल ले जाया गया। उधर, सीएमओ किन्नौर सोनम नेगी ने बताया कि इन छह लोगों ने एट्रोपा बेलोडिना नामक जंगली जहरीले पत्तों की सब्जी बनाकर खा ली थी। इसके कारण सभी बीमार हो गए थे। अब उनकी तबीयत में सुधार है।