लाॅकडाउन का पालन करें और कोरोना से बचने के लिए अपनाएं ये टिप्स

विश्व कोरोना नामक विकराल शत्रु से जूझ रही है। विश्व के शक्तिशाली देशों शक्तिहीन हो चुके हैं। ऐसे में हमारे समक्ष जो सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न है कि हम कैसे इस महासमर में कैसे विजय हों। नीति कहती है कि जब शत्रु आपसे प्रबल हो तो युद्ध वार करने पर नहीं वार से बचने पर
 

विश्व कोरोना नामक विकराल शत्रु से जूझ रही है। विश्व के शक्तिशाली देशों शक्तिहीन हो चुके हैं। ऐसे में हमारे समक्ष जो सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न है कि हम कैसे इस महासमर में कैसे विजय हों। नीति कहती है कि जब शत्रु आपसे प्रबल हो तो युद्ध वार करने पर नहीं वार से बचने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि आपका प्रहार लगने से शत्रु को कुछ ना बिगड़ेगा पर अगर शत्रु का एक प्रहार भी हमें छू गया तो बचना नामुमकिन है। कोरोना आप हमसे कई गुणा प्रबल है तो क्या यह ज़रूरी नहीं कि हम अपने बचाव पर ध्यान दें। जिसने अमेरिका, रूस, जर्मनी इटली, स्पेन आदि देशों को घुटने टेकने पर विवश कर दिया है, वह हमें भी कर सकता है और कर ही रहा है।

कोरोना से बचने के लिए जहां डॉक्टर, स्वास्थ्य संगठन, सरकार अनेकों प्रकार के तरीके बता रही है और निशदिन निरंतर सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है, वहां बात आती है अन्य माध्यमों की कि बाहरी बचाव करने के साथ आंतरिक बचाव के लिए क्या किया जा सकता है? हम अपने आप भीतर कैसे सुरक्षा कवच बना सकते हैं कि हमें इसका कम से कम प्रभाव हो। इसलिए जहां आप बाहर से लॉकडाउन और मास्क, सैनिटाइजर जैसे माध्यमों से खुद को बचा रहे हैं वहीं योग, व्यायाम और प्राणायाम करके आप अंदर से सुरक्षा कवच का निर्माण कर सकते हैं। योग, व्यायाम, प्राणायाम से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता इतनी उच्च स्तर की विकसित हो जाती है कि सामान्य रोगों का आप पर प्रभाव ही नहीं पड़ता और दूसरे प्रकार के वायरस से लडने के लिए आपका शरीर तैयार हो जाता है। हम अपने आस-पास देखते हैं और पाते हैं कि कुछ लोग इतना हाइजीन का ध्यान रखने के उपरांत भी बीमार पड़ जाते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो मन भावन खाते हैं, जैसा मन करे वैसे रहते हैं बिना मौसम का ध्यान रखे फिर एक दम स्वस्थ और तंदरुस्त होते हैं।मित्रो! यह सब खेल रोग प्रतिरोधक क्षमता का ही है। तो आइए जानते हैं कैसे हम रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करें। आप सुबह उठें एक गिलास गुनगुना पानी पिएं तदुपरांत शौचादि से निवृत हों। उसके बाद ऊष्ण व्यायाम (warm up) करें। इसकी भिन्न भिन्न क्रियाएं हैं। उसके बाद आप व्यायाम करें। आप यूट्यूब की सहायता ले सकते हैं। व्यायाम करने के बाद हमें कुछ प्राणायाम की स्वश्न क्रियाएं भी करनी चाहिए। मित्रो जितना व्यायाम उतना आराम, जितनी ऊष्मा उतनी शीतलता शरीर के लिए आवश्यक होती है इसलिए व्यायाम के बाद प्राणायाम अवश्य करें। मेरा विश्वास है हम सबको यह जानकारी जो लिखित और चलचित्र रूप में यूट्यूब के माध्यम से दी गई है आपके लिए बहुत उपयोगी होगी और हम निश्चित रूप से विजयी होंगे।
~ सुरेन्द्र कुमार