चलो चलें घर: तीन दिन में हिमाचल आए 23 हजार से ज्यादा लोग

शिमला। लाॅकडाउन के कारण दूसरे राज्यों में फंसे हिमाचलियों को सरकार लगातार घर वापस ला रही है। पिछले तीन दिन में प्रदेश के बॉर्डर से हिमाचल में एंट्री करने वालों की संख्या 23361 बताई जाती है। यह आंकड़ा पुलिस विभाग को स्वास्थ्य विभाग ने दिया है, जिसने बॉर्डर पर इन लोगों की स्वास्थ्य जांच कर
 

शिमला। लाॅकडाउन के कारण दूसरे राज्यों में फंसे हिमाचलियों को सरकार लगातार घर वापस ला रही है। पिछले तीन दिन में प्रदेश के बॉर्डर से हिमाचल में एंट्री करने वालों की संख्या 23361 बताई जाती है। यह आंकड़ा पुलिस विभाग को स्वास्थ्य विभाग ने दिया है, जिसने बॉर्डर पर इन लोगों की स्वास्थ्य जांच कर इनको अंदर प्रवेश की इजाजत दी है। बताया जाता है कि 6396 वाहनों के माध्यम से यह लोग हिमाचल में प्रवेश कर गए।

जिलावार आंकड़ों की बात करें तो बद्दी में 2852 लोग 948 वाहनों के माध्यम से हिमाचल में प्रवेश किए हैं। बिलासपुर के बार्डर से हिमाचल में आने वालों की संख्या 217 की है, जोकि 64 वाहनों से यहां पर आए। इसी तरह से 72 लोग 25 वाहनों के जरिए चंबा जिला के बॉर्डर में प्रवेश किए हैं। कांगड़ा जिला में 2180 वाहनों में 6733 लोग आए। वहीं शिमला जिला में तीन दिन में बाहर से आने वाले लोगों की संख्या 194 की है, जोकि 115 वाहनों में यहां पर आए।सिरमौर जिला में 171 लोगों ने हिमाचल में एंट्री की है जो 94 वाहनों में यहां पर आए। इसी तरह से सोलन जिला में 543 लोग 205 वाहनों में यहां पहुंचे। इन्होंने बॉर्डर पर एंट्री ली है, जिसके बाद इनकी स्वास्थ्य जांच करवाई गई। ऊना जिला के बार्डर पर 12579 लोगों ने एंट्री की है, जोकि 2765 वाहनों में यहां पर पहुंचे। ऊना के मैहतपुर बॉर्डर पर सोमवार को अफरातफरी भी मच गई थी, जिसके बाद सरकार ने निर्देश दिए कि यहां पर सामाजिक दूरी बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से काम करे। जिलों को इस पर कड़ाई बरतने के आदेश जारी किए गए हैं।

कांगड़ा में आने के लिए 30 हजार ने किया आवेदन धर्मशाला। प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में अपने घर आने को 30 हजार से अधिक लोगों ने मंगलवार शाम तक आवेदन किया है, जबकि लॉकडाउन में रियायतों के बाद अब तक करीब 17 हजार लोग अपने घर पहुंच चुके हैं। यहां आने वाले तमाम लोगों की पूरी जांच की जा रही है। बाहर से आने वाले चार लोगों में खांसी-जुकाम के लक्ष्ण पाए जाने पर उनके सैंपल लिए गए हैं तथा अन्य सभी लोगों की बॉर्डर पर बाकायदा मेडिकल जांच हो रही है। साथ ही उन्हें हिदायतें भी दी जा रही हैं कि वे 28 दिन के होमक्वारंटाइन का पालन करें, नहीं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।