SCHOOL BAG POLICY: छात्र के वजन का 10 फीसदी होगा बैग का भार, स्कूल में मिलेगी लॉकर सुविधा
हिमाचल प्रदेश में स्कूल बैग पॉलिसी (SCHOOL BAG POLICY) लागू हो गई है। SCHOOL BAG POLICY को लागू करने के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के कुल भार का मात्र दस फीसदी ही स्कूल बैग का वजन होगा। प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) से जारी स्कूल बैग नीति-2020 को अधिसूचित कर दिया है। शैक्षणिक सत्र 2021-22 से सरकारी स्कूलों में नई व्यवस्था लागू होगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने शनिवार को सभी उपनिदेशकों और प्रिंसिपलों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
स्कूल बैग नीति-2020 के तहत प्रावधान है कि दो विद्यार्थी एक किताब शेयर कर सकेंगे। इससे स्कूल बैग का भार कम हो सकेगा। इसके साथ ही किताबें सेमेस्टर के आधार पर तैयार की जाएंगी। सप्ताह में 10 से 12 घंटे के हिसाब से ही छात्रों को होम वर्क मिलेगा। इसके लिए समयसारिणी नए सिरे से तैयार होगी। शिक्षा मंत्रालय ने नई स्कूल बैग नीति के तहत कई उपायों की घोषणा की है। होमवर्क की समय सीमा कक्षा के आधार पर तय की है। दूसरी कक्षा तक कोई होमवर्क नहीं होगा।
कक्षा 3 से 6 के लिए साप्ताहिक 2 घंटे तक का होमवर्क होगा। कक्षा 6 से 8 के लिए प्रतिदिन एक घंटे का होमवर्क मिलेगा। कक्षा 9 से 12 के लिए अधिकतम 2 घंटे का होमवर्क छात्रों को दिया जा सकेगा। बच्चों के बस्ते का वजन स्कूलों में मापा जाएगा और नियमित तौर पर वजन की निगरानी होगी। प्रकाशकों को किताबों पर उसका वजन भी प्रकाशित करना होगा। पहली कक्षा के छात्रों के लिए कुल तीन किताबें होंगी, जिनका वजन 1.078 किलो तक होगा।
गैर-शिक्षण गतिविधियां-हर माह बैग फ्री डे
बारहवीं में पढ़ने वाले छात्रों के लिए कुल छह किताबें होंगी, जिनका वजन 4.182 किलो तक होगा। बैग में किताबों का वजन 500 ग्राम से 3.5 किलो रहेगा। कॉपियों का वजन 200 ग्राम से 2.5 किलोग्राम रहेगा। स्कूलों में गैर शिक्षण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बैग फ्री डे का आयोजन हर माह होगा। इसमें खेल, सांस्कृतिक, आर्ट्स, क्विज और क्राफ्ट से जुड़ी गतिविधियां होंगी।
स्कूलों में पेयजल की करनी होगी व्यवस्था
स्कूलों में पीने के पानी की उचित व्यवस्था करनी होगी, ताकि विद्यार्थियों को पानी की बोतल न लानी पड़े। स्कूल बैग भी हल्के मैटेरियल से तैयार होगा। स्मार्ट क्लासरूम ज्यादा प्रयोग होगा।
स्कूल में छात्रों को मिलेगी लॉकर की सुविधा
किताबें स्कूलों में ही रखने का बंदोबस्त करने को कहा गया है। विद्यार्थियों को रोजाना घरों से किताबें नहीं लानी होगी। जरूरत के समय विद्यार्थी किताबें स्कूल से ले जा सकेंगे। इसके लिए लॉकर सुविधा देनी होगी।