नौ सदस्यीय स्टाफ भी सेट नहीं कर सका सीयू का प्रश्नपत्र पीएचडी प्रवेश परीक्षा

धर्मशाला। केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के पत्रकारिता विभाग में पीएचडी प्रवेश परीक्षा में लापरवाही पर सीयू प्रशासन खुद ही सवालों के घेरे में आ गया है। परीक्षार्थियों का आरोप है कि पेपर सेटिंग कमेटी ने 50 नहीं बल्कि 57 सवाल 2017 में हुई परीक्षा के प्रश्नपत्र से डाले हैं। विवि प्रशासन इस मामले में अभी तक
 

धर्मशाला। केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के पत्रकारिता विभाग में पीएचडी प्रवेश परीक्षा में लापरवाही पर सीयू प्रशासन खुद ही सवालों के घेरे में आ गया है। परीक्षार्थियों का आरोप है कि पेपर सेटिंग कमेटी ने 50 नहीं बल्कि 57 सवाल 2017 में हुई परीक्षा के प्रश्नपत्र से डाले हैं। विवि प्रशासन इस मामले में अभी तक कोई भी कार्रवाई करने से गुरेज कर रहा है। प्रशासन की ओर से लिखित शिकायत आने के बाद ही कार्रवाई का हवाला दिया जा रहा है, लेकिन इससे सीयू प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे हैं।

केंद्रीय विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के दोनों विंगों में विभागाध्यक्ष समेत नौ शिक्षाविद हैं। करीब दो लाख रुपये प्रतिमाह से अधिक वेतन प्राप्त करने वाले स्टाफ सदस्य खुद नेट और पीएचडी हैं, लेकिन पेपर सेट करने की शायद उन्हें आदत नहीं है। पहली मार्च को पांच सीटों के लिए पीएचडी प्रवेश परीक्षा में पेपर सेटिंग कमेटी ने प्रश्नपत्र नियमों को दरकिनार कर आंखें मूंद डाल दिया। प्रवेश परीक्षा में 100 प्रश्न पूछे गए थे और इनमें से 50 पत्रकारिता विषय से संबंधित और 50 शोध पद्धति के बारे में पूछे जाते हैं। पेपर सेटिंग टीम ने 2017 में हुई परीक्षा में आए सवाल इस बार भी 51 से 100 नंबर तक डाले थे। चिंतनीय है कि प्रश्न तो वही डाल दिए, लेकिन उनके उत्तरों के ऑप्शन में भी कोई बदलाव नहीं किया है।

प्रश्नपत्र में गलती की मौखिक जानकारी मिली है। प्रशासन लिखित शिकायत का इंतजार कर रहा है। अगर लिखित शिकायत भी नहीं आती है तो भी प्रशासन मामले की जांच करेगा।
-संजीव शर्मा, परीक्षा नियंत्रक, केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला।