ज्वालामुखी में घोटाला: बी.पी.एल. कार्ड पर दिया जा रहा ए.पी.एल. कोटे का राशन

ज्वालामुखी। कोरोना महामारी के बीच जहां केंद्र सरकार व राज्य सरकार पिछले एक महीने से लगातार आह्वान कर रही हैं कि गरीब, असहाय एवं जरूरतमंदों को किसी प्रकार की परेशानी न आए। वहीं सरकार के ही कुछ विभाग अति गरीब व असहाय लोगों को अपने पैरों तले रौंदने में लगे हुए हैं। इसे जानबूझ कर
 

ज्वालामुखी। कोरोना महामारी के बीच जहां केंद्र सरकार व राज्य सरकार पिछले एक महीने से लगातार आह्वान कर रही हैं कि गरीब, असहाय एवं जरूरतमंदों को किसी प्रकार की परेशानी न आए। वहीं सरकार के ही कुछ विभाग अति गरीब व असहाय लोगों को अपने पैरों तले रौंदने में लगे हुए हैं। इसे जानबूझ कर की गई गलती कहिए या अनजाने में हुई भूल मगर खामियाजा ज्वालामुखी के नजदीक रहने वाले एक परिवार को भुगतना पड़ रहा है।

मामले की जानकारी realitynews.in से मिली है। सिविल सप्लाई के पोर्टल पर जांच करने के बाद ये बात सही साबित हुई है कि राजेश कुमार के परिवार, जिसकी परिवार की मुखिया निशा कुमारी है के नाम से बी पी एल का राशन कार्ड बना हुआ है। अम्ब पठियार कृषि सेवा सहकारी सभा समिति के नाम आज ही विभागीय जांच के आदेश दे रहे हैं । -नरेन्द्र धीमान, जिला खाद्य नियत्रंक

ज्वालामुखी की अम्ब पठियार पंचायत के वार्ड-6 के निवासी राजेश कुमार पुत्र अमी चंद 2 साल पहले बी.पी.एल. परिवार में चयनित हुए थे। हिमाचल प्रदेश सिविल सप्लाई विभाग ने राजेश को उचित मूल्य का राशन प्राप्त करने के लिए डिजिटल राशन कार्ड भी जारी किया। बीपीएल परिवार में होने के बाबजूद भी राजेश को एपीएल राशन दिया जा रहा है। राजेश कुमार का आरोप है कि डिपो होल्डर की मनमानी के कारण उसे उसका हक नहीं मिल रहा है। बार बार पूछने के बाबजूद भी डिपो होल्डर उसे बातों को अनदेखा कर अपनी मनमानी कर रहा है।

जिला खाद्य नियंत्रक के निर्देशों के अनुसार पूरे  मसले की जांच पड़ताल करने के बाद दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवायी अमल में लाई जाएगी।  -विक्रम सिंह, निरीक्षक, सिविल सप्लाई

राजेश का आरोप है कि उसे जो राशन दिया जाता है उसकी रसीद भी नहीं दी जाती और टालमटोल की जाती है। राजेश ने बताया कि पिछले 2 साल से उसके साथ अन्याय हो रहा है। राजेश कुमार ने हिमाचल प्रदेश सरकार सहित जिला खाद्य नियंत्रक से मांग की है कि पूरे मामले की विभागीय जांच करके उक्त डिपो होल्डर के खिलाफ उचित कार्रवायी की जाए। अन्यथा उसके साथ न्याय नहीं हुआ तो वह ज्वालामुखी स्तिथ एसडीएम कार्यालय के बाहर अपने परिवार के साथ धरने पर बैठेगा।