हिमाचल के बागवानों के लिए धर्मशाला में होगी प्रौद्योगिकी कार्यशाला

धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी में बागवानी क्षेत्र प्रमुख भूमिका निभा रहा है। प्रदेश के विविध मौसम तथा भौगोलिक स्थितियों के कारण यहां विभिन्न प्रकार के फलों तथा सब्जियों की खेती की जाती है। किसानों-बागवानों के उत्थान के लिए प्रदेश सरकार ने 1134 करोड़ रुपये की विश्व बैंक पोषित हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना को
 

धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी में बागवानी क्षेत्र प्रमुख भूमिका निभा रहा है। प्रदेश के विविध मौसम तथा भौगोलिक स्थितियों के कारण यहां विभिन्न प्रकार के फलों तथा सब्जियों की खेती की जाती है। किसानों-बागवानों के उत्थान के लिए प्रदेश सरकार ने 1134 करोड़ रुपये की विश्व बैंक पोषित हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना को लागू किया है। इसी के तहत किसानों-बागवानों को जागरुक करने के लिए हिमाचल प्रदेश बागवानी विभाग की ओर से धर्मशाला में कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसका आयोजन एग्री बिजीनेस प्रमोशन फैसिलिटी (एबीपीएफ) टीम की ओर से किया जा रहा है।

 

 

 

एग्री बिजीनेस प्रमोशन फैसिलिटी (एबीपीएफ) टीम के कांगड़ा के विशेषज्ञ आशीष यादव ने बताया कि कार्यशाला में किसानों-बागवानों को खेती-बाड़ी की आधुनिक तकनीक के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यशाला के दौरान बागवानी को आधुनिक प्रौद्योगिक के सहयोग से कैसे विकसित किया जा सकता है, इसकी विस्तार से जानकारी दी जाएगी। किसानों को फर्टीलाइजर के कम-से-कम इस्तेमाल करके अधिक उत्पादन करने के तरीके भी बताएं जाएंगे। कार्यशाला में भाग लेने वाले किसानों-बागवानों को फलों के उत्पादन को बढ़ाने तरीके, उनके भंडारण और ट्रांसपोर्टेशन के दौरान की सावधानियां भी बताई जाएंगी।

 

 

7 सितंबर को धर्मशाला में होने वाली कार्यशाला के दौरान बागवानी मूल्य श्रृंखलाओं के लिए प्रासंगिक और नई उन्नत तकनीक की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। हिमाचल प्रदेश के बागवानी परिदृश्य से संबंधित प्रौद्योगिकियों की उपयोगिता और लाभ पर चर्चा भी होगी। इसके साथ ही आधुनिक एवं संभावित प्रौद्योगिकियों का क्षेत्र में उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही बागवानों को व्यापार के नए अवसर तलाशने में भी सहयाता प्रदान की जाएगी। बागवानी के क्षेत्र में तकनीक प्रदाताओं के साथ निवेश योजना और व्यापार मॉडल पर भी चर्चा की जाएगी।