मणिमहेश यात्राः शिव चेले ही लगाएंगे आस्था की डुबकी, श्रद्धालुओं को लौटाएगी पुलिस
भरमौर। जन्माष्टमी पर आस्था की डुबकी के साथ मणिमहेश यात्रा-2021 का आगाज हो जाएगा। जन्माष्टमी का पावन पर्व रविवार यानी आज रात 11.24 बजे शुरू हो जाएगा, जो 31 अगस्त को मध्यरात्रि 1.59 बजे तक होगा। पंडित विपिन शर्मा कहते हैं कि इस बार जन्माष्टमी पर्व पर छोटे शाही स्नान का मुहूर्त काफी लंबा है। हालांकि कोरोना महामारी के मद्देनजर प्रशासन ने यात्रा पर रोक लगा दी है। यात्रा को सांकेतिक तौर पर धार्मिक रस्मों का निर्वहन करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
कोरोना महामारी के कारण धार्मिक रस्मों तक ही यात्रा को सीमित कर दिया गया है। इस वजह से गिने-चुने लोग ही डल झील में आस्था की डुबकी लगा सकेंगे। जन्माष्टमी के छोटे शाही स्नान के लिए चौरासी मंदिर से शिव चेले भी डल झील यानी मणिमहेश के लिए रवाना हो गए हैं। यात्रा के लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों के अलावा, रेस्क्यू टीमें विभिन्न स्थानों के लिए रवाना हो गई हैं। भरमौर के अलावा धनछो और डल झील में ये टीमें तैनात रहेंगी।
एसडीएम भरमौर मनीष सोनी ने कहा कि यात्रा को कोरोना के कारण सीमित किया गया है। छड़ी वरदार और शिव चेलों के साथ सिर्फ 25-24 श्रद्धालु ही यात्रा पर जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि लंगेरा, तुन्नुहटी, प्रंघाला, लाहडू व त्यारी में पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को यहीं से लौटा दिया जाएगा। एक छड़ी में सिर्फ 25 श्रद्धालुओं को ही यात्रा पर जाने की अनुमति है। इन श्रद्धालुओं को यात्रा पर जाने की अनुमति स्थानीय प्रशासन देगा।