कलवाल गौशाला के कर्मियों की लापरवाही, भागा घायल बैल
बड़सर। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध न्यास द्वारा चलाई जा रही कलवाल गौशाला में व्यवस्थाओं को लेकर क्षेत्र के युवाओं ने रोष प्रकट किया है। बीबीएन हेल्प क्लब चकमोह के सदस्यों ने कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले एक आवारा बैल को बरठीं रोड पर जब घायल अवस्था में तड़पते हुए देखा तो उसे उपचार का निर्णय लिया। कड़ी मुश्किलों के बावजूद बैल को पकडक़र लाना मुश्किल हो रहा था। जिस पर स्पेशलिस्ट लोगों को डॉक्टर सहित काम पर लगाया गया। इंजेक्शन लगाने के बाद पशु चिकित्सक द्वारा उसका ट्रीटमेंट किया गया व चिकित्सक की सलाह के अनुसार उसे गौशाला कलवाल में कुछ दिनों के लिए रखा गया।
गौशाला कलवाल में बैल को छोड़ने बाद जब अगले दिन पशु चिकित्सक उसकी मरहम पट्टी करने के लिए गए, तो गौशाला में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि बैल न जाने कहां भाग गया है। इस पर क्षेत्र युवाओं ने कड़ा आक्रोश जताते हुए कहा है कि उन्होंने एसडीएम बड़सर से बात करने के बाद बैल को पशुशाला में कुछ दिनों के लिए ठीक होने तक रखा था। लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही के बाद अब घायल बैल का कोई अता पता नहीं है। अब गौशाला में काम करने वाले कर्मचारी बैल को ढूंढ कर लाने की बात कह रहे हैं, जबकि क्लब के सदस्यों को सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी नहीं दिखाई जा रही। बीबीएन हेल्प क्लब चकमोह ने एसडीएम बड़सर से मांग की है कि कलवाल गौशाला में व्यवस्था को सुधारा जाए।
वहीं चकमोह पंचायत के पूर्व उपप्रधान नीरज कालिया ने बताया कि दियोटसिद्ध मंदिर न्यास के अधीन चल रही कलवाल गौशाला में ऐसी अव्यवस्था से युवाओं में काफी रोष पैदा हो रहा है। युवाओं ने कहा कि वह दिन रात एक कर के घायल पशुओं की मदद कर रहे हैं, लेकिन मंदिर न्यास के अधीन चल रही गौशाला में अव्यवस्थाओं से बहुत आहत हैं। उधर, एसडीएम बड़सर शशि पाल शर्मा ने बताया कि युवाओं ने घायल बैल को कलवाल गौशाला में रखने की बात की थी, लेकिन उन्हें आगामी घटनाक्रम के बारे जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी लेकर आगामी कार्यवाही की जाएगी।