सांसद किशन कपूर के बयान पर भड़के हिमाचल के पंचायत सचिव

पंचायत सचिवों ने आपात बैठक कर सांसद किशन कपूर के बयान को तथ्यहीन, गैर-जिम्मेदाराना और पंचायत सचिवों के मनोबल को गिराने वाला करार दिया। 
 

बड़सर। सांसद किशन कपूर के खिलाफ पंचायत सचिवों को गुस्सा भड़क गया है। पंचायत सचिवों के संघ ने कांगड़ा के सांसद किशन कपूर के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज पंचायत सचिव संघ विकास खंड बिझड़ी की आपात बैठक अध्यक्ष दिनेश कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कांगड़ा के सांसद किशन कपूर द्वारा समस्त पंचायत सचिवों को लेकर नगरोटा सूरियां में दिए बयान पर कड़ा रोष प्रकट किया है। पंचायत सचिवों ने सांसद के बयान को तथ्यहीन, गैर-जिम्मेदाराना और पंचायत सचिवों के मनोबल को गिराने वाला करार दिया। 

दिनेश कुमार ने कहा कि पंचायत सचिव पंचायती राज व ग्रामीण विकास विभाग के अन्तर्गत प्रदेश व केन्द्र सरकार की विभिन्न विकासात्मक व जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार और सफल तथा समयवद्व क्रियान्वन में अपनी पूर्ण निष्ठा व अनुशासन से भूमिका अदा कर रहें हैं। चाहे वह लोगों को रोजगार देने सम्बन्धी, ग्रामीण विकास के लिए मनरेगा योजना हो या स्वच्छता से सम्बन्धी स्वच्छ भारत मिशन हो। ग्रामीण विकास को अमलीजामा पहनाने वाली एमपी फंड, एमएलए फंड, बाटर सैड, डीआरई फंड और 14 वें व 15 वें वितायोग आदि सभी योजनाओं के क्रियान्वन में पंचायत सचिव अपनी भूमिका अदा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, उज्जवला व हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना तथा विभिन्न आवासीय योजनाओं का प्रचार प्रसार व क्रियान्वन पंचायत सचिवों द्वारा किया जा रहा है। कोरोना महामारी के दौरान संगरोध केंद्र की स्थापना सुविधा से लेकर बाहरी राज्यों से आए व्यक्तियों की निगरानी व डाटा संग्रहण, प्रवासी मजदूरों को राशन वितरण, कोरोना मरीजों की निगरानी व सुविधाएं पहुंचाना, कोरोना मृतकों के अंतिम संस्कार में व्यवस्थाएं, कोविड टीकाकरण के लिए पंजीकरण व लोगों को प्रेरित करना समेत प्रत्येक गतिविधि का पंचायत सचिवों द्वारा अनुशासन व निष्ठा से निर्वहन किया गया है। बैठक में मुख्य रूप से पंचायत सचिव रविंद कुमार, जैसी राम, मदन लाल, नरेन्द्र शर्मा सहित विकास खंड के पंचायत सचिवों ने भाग लिया।