Himachal Budget : प्री प्राइमरी शिक्षकों के इसी वर्ष भरे जाएंगे 6000 पद, जानें किनको मिलेगा मौका

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट भाषण में हिमाचल प्रदेश के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छह हजार प्री प्राइमरी शिक्षक भर्ती किए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट भाषण में हिमाचल प्रदेश के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छह हजार प्री प्राइमरी शिक्षक भर्ती किए जाएंगे। हिमाचल में प्री प्राइमरी शिक्षकों शिक्षकों के पदों को भरने के लिए भर्ती भी इसी साल आयोजित की जाएगी। इसमें पात्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी शिक्षक बनने का अवसर मिलेगा। इसके लिए इन्हें ब्रिज कोर्स भी करवाया जाएगा। बीते कई वर्षों से प्री प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती लटकी है। 

शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट भाषण में हिमाचल प्रदेश के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छह हजार प्री प्राइमरी शिक्षक भर्ती किए जाएंगे। हिमाचल में प्री प्राइमरी शिक्षकों शिक्षकों के पदों को भरने के लिए भर्ती भी इसी साल आयोजित की जाएगी। इसमें पात्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी शिक्षक बनने का अवसर मिलेगा। इसके लिए इन्हें ब्रिज कोर्स भी करवाया जाएगा। बीते कई वर्षों से प्री प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती लटकी है। 

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट भाषण में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की मजबूती के लिए सबसे ज्यादा 9,560 करोड़ रुपये के बजट का ऐलान किया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि इस वर्ष 850 शिक्षण संस्थानों को इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा दिया जाएगा। 500 प्राइमरी, 100 उच्च, 200 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों और 50 कॉलेजों को इसमें शामिल किया जाएगा। इन संस्थानों में शिक्षकों के सभी स्वीकृत पदों को भरने के साथ स्मार्ट क्लास रूम तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। 

तय मापदंडों के आधार पर इन संस्थानों का मूल्यांकन करवाया जाएगा। प्रदेश के सभी स्कूल और कॉलेजों के प्रिंसिपल और हेडमास्टर शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक नेतृत्व दें, इसके लिए स्कूल-कॉलेज लीडरशीप प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों और समाज के बीच बेहतर तालमेल के लिए और सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के लिए अपना विद्यालय-मेरा विद्यालय-मेरा योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत मुख्यमंत्री से लेकर खंड स्तर के अधिकारी एक-एक शिक्षण संस्थान को गोद लेंगे। 

समुदाय को स्कूलों से जोड़ने के लिए यह फैसला लिया गया है। इसके तहत पात्र एवं इच्छुक व्यक्तियों द्वारा निशुल्क शिक्षा देने में सहयोग दिया जाएगा। सरकार ने हर माह एक स्कूल का निरीक्षण कर विद्यार्थियों-शिक्षकों की कार्यशैली की समीक्षा करने का जिम्मा उपमंडल अधिकारियों को सौंपा है। इसके तहत अभिभावकों के साथ भी संवाद किया जाएगा। बैठक में स्कूलों के रखरखाव को लेकर भी निर्णय लिए जाएंगे।

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